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Rang Daar Gayo Ri Mope Saanwra Holi Bhajan By Chitra Vichra ji Lyrics
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
मारी तान के ऐसी मोपे पिचकारी
मेरो भीजो तन को चीर,
मैं क्या करूँ होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
मेरो पीछा ना छोरे होली मेी,
ओह एक नंद गाओ को अजीर,
मई का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
आए रंग डारी चुनर कोरी रे,
मेरे भर गयो नैना नया पियर,
मई का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
पागल के 'चित्र विचत्र' संग
लीला भाई यमुना के तीर,
मैं करूँ सजनी होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
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