Part -1 "एक अलग सोच एक अलग दुनिया"

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                  ( Introduction)

ये कहानी अनाया की है। जो इस समय 12वीं कक्षा की छात्रा है। उसके घर पर उसके पापा जिनका नाम अनील कुमार हैं। और वो एक डॉक्युमेंट राइटर हैं। और उनका स्वभाव सकत है। घर पर हर चीज़ उनके मन मुताबिक होती हैं।उनके मर्ज़ी के खिलाफ कोई काम नहीं होता है घर पर और उसकी मम्मी जिनका नाम सविता कुमारी हैं। वो एक हाउसवाइफ हैं। उनका स्वभाव शान्त और प्यारा है। लेकिन सिर्फ अपने छोटे बेटे और बेटी के लिए हां। अनाया का एक छोटा भाई और बहन भी है उसके भाई का नाम रोशन हैं। वो अनाया से एक साल छोटा है। और इस समय 11वीं कक्षा में पढ़ता है। और उसकी छोटी बहन अभी तिसरी कक्षा में हैं। अपने भाई और बहन दोनों से उम्र में बड़ी होने की वजह से अनाया के ऊपर अपने भाई और बहन दोनों को समहालन की जिम्मेदारी है। लेकिन इन सब से अलग अनाया की अपनी एक छोटी सी और प्यारी सी दुनिया हैं। जिसमें वो और उसके बहुत से सपने हैं । उसके दिल के करिब उसके सबसे अच्छे दोस्तों और उसके सपनों को पाने में मदद करने वाले उसके शिक्षकों का बसेरा है। तो चलिए चलते हैं। अनाया कि दुनिया में और देखते हैं। की अनाया कैसे अपने सपनों को पूरा करती हैं।

कहानी की शुरुआत अनाया के घर से होती है जहां सुबह अनाया स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी अपना स्कूल बैग सजाते समय अनाया की नजर स्टडी टेबल के कोने में रखी हुई उसकी डायरी पर जाती हैं वो डायरी देख कर अनाया के चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं ये डायरी अनाया तब लिखा करती थी जब वो 9वीं कक्षा में थी अनाया वो डायरी उठा कर खोलती हैं और अपने पुराने दिनों में चली जाती हैं उस डायरी को ठोड़ी देर पड़ने के बाद अनाया ठोरी गम्भीर हो कर बोलने लगती हैं।

अनाया:- "क्या मेरी जिंदगी में प्यार का होना सच में जरूरी हैं अगर इसका जबाब हां हैं तो मुझे कभी उस प्यार कि कमी महसूस क्यों नहीं होती क्या सच में मुझे बिना प्यार के रहने कि आदत हो गई है ।"

अनाया अपने इन्हीं ख्यालों में खोई हुई थी तभी उसके कमरे के बहार उसकी मम्मी आ कर अनाया को आवाज लगाकर बुलाती हैं

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