आशा की एक किरण रोज दरवाज़े पर दस्तक देगी,
मुसीबतें व तकलीफ़े हर लम्हा तुम्हारी परीक्षा लेगी ।
असफल तुम कितने भी हो तुम ना मानना हार ,
एक ख़ूबसूरत सा तोफ़ा लेकर ज़िंदगी खड़ी होगी उस पार ।
एक दिन तो ऐसा ज़रूर आएगा जब तुम्हारी मेहनत रंग लाएगी ,
और फिर तुम्हारी ज़िंदगी की नाँव इस संसार रूपी समुद्र में अनिश्चित काल तक लहरायेगी ।।
