hindi kavi kathakar
novel pehchan aur do patan ke beech
katha sangrah : kunjad-kasai, gyarah sitambar ke bad, chahallum, gahri jaden
kavita sangrah : aur thodi si sharm-de maula, santo kahe ki bechaini..
editing : sanket laghupatrika
Sr Manager (Mining) in Coal India Limited
  • Manendragarh, India
  • JoinedJuly 4, 2012




Stories by Anwar Suhail
बिलौटी by AnwarSuhail
बिलौटी #19 in Short Story
बिलौटी अनवर सुहैल बिलौटी ठेकेदारिन साइकिल से उतरी। साइकिल स्टैंड पर लगा, सीधे परसाद पान गुमटी पर आर्इ। परसाद का गतिषील हाथ क्षण भर का ठिठका। गुमटी के सामने खड़े अन्य लोगों का ध्यान बंटा। रामभरोसे हिंदू...
आधा-अधूरा by AnwarSuhail
आधा-अधूरा #330 in Poetry
पढ़े-अनपढ़े ------------------------ आह ये भारत की दीन-हीन दरिद्र भाषाओं में लिखने वाले जाने क्या समझते खुद को भीड़ के आगे मशाल लेके चलने वाले रहनुमा उन्हें ज्ञात हो जाए अब भीड़ ने अपना रहनुमा खोज लिया है उनके र...
छोटी-छोटी बातें by AnwarSuhail
छोटी-छोटी बातें #197 in Poetry
फेसबुक की वाल पर नित एक नया भाव एक नई संवेदना एक टीस...एक आह... और उससे उपजा एक संवाद.......... ------अ न व र सु है ल ---
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