hindi kavi kathakar
novel pehchan aur do patan ke beech
katha sangrah : kunjad-kasai, gyarah sitambar ke bad, chahallum, gahri jaden
kavita sangrah : aur thodi si sharm-de maula, santo kahe ki bechaini..
editing : sanket laghupatrika
Sr Manager (Mining) in Coal India Limited
  • Manendragarh, India
  • JoinedJuly 4, 2012




Stories by Anwar Suhail
बिलौटी by AnwarSuhail
बिलौटी #108 in Short Story
बिलौटी अनवर सुहैल बिलौटी ठेकेदारिन साइकिल से उतरी। साइकिल स्टैंड पर लगा, सीधे परसाद पान गुमटी पर आर्...
आधा-अधूरा by AnwarSuhail
आधा-अधूरा #536 in Poetry
पढ़े-अनपढ़े ------------------------ आह ये भारत की दीन-हीन दरिद्र भाषाओं में लिखने वाले जाने क्या समझते खुद...
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छोटी-छोटी बातें by AnwarSuhail
छोटी-छोटी बातें #417 in Poetry
फेसबुक की वाल पर नित एक नया भाव एक नई संवेदना एक टीस...एक आह... और उससे उपजा एक संवाद.......... ------अ न...
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