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बागेश्वर में उक्रांद ने तो कांडा में बसपा ने नुकसान पहुंचाया कांग्रेस को
बागेश्वर। विधान सभा के चुनाव भाजपा के लिए सुकून देने वाले हैं तो कांग्रेस के लिए अप्रत्याशित। कपकोट सीट पर तो सभी भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी की जीत सुनिश्चित मानकर चल रहे थे। बागेश्वर सीट में कांग्रेस के राम प्रसाद टम्टा को उक्रांद ने तो कांडा सीट में कांग्रेस के उमेद सिंह माजिला को बसपा ने नुकसान पहुंचाया जिस कारण उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। जैसा कि पूर्व में ही कहा जा रहा था कि बागेश्वर व कांडा में परिणाम चौंकाने वाले होंगे। हालांकि भाजपा तो पहले से ही विश्वास में थी कि वह तीनों सीटों में फतह हासिल करेगी। लेकिन कांग्रेस के लिए यह परिणाम चौंकाने वाले रहे। बागेश्वर सीट में राजनीतिक विश्लेषक भी धोखा खा गये। विश्लेषक हमेशा से यह मानते रहे हैं कि उक्रांद को जितना अधिक वोट मिलेगा उससे भाजपा को नुकसान होगा। लेकिन उक्रांद के अधिक वोट लाने के उपरांत भी भाजपा ने न केवल सीट जीती बल्कि पांच हजार से भी अधिक अंतर से जीत दर्ज की। बागेश्वर सीट में बसपा प्रत्याशी के कमजोर होने का भी फायदा कांग्रेस नहीं उठा पाई। एक राउंड में तो उक्रांद दूसरे व कांग्रेस तीसरे नंबर पर जा पहुंची। भाजपा के चंदन दास को 17614 मत, कांग्रेस के राम प्रसाद टम्टा को 11724, उक्रांद के गोविंद राम को 7325, बसपा के श्री राम को 2615 भाजशपा के हरीश प्रसाद को 1006 व सपा के भगवती प्रसाद को 916 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं कांडा सीट में बसपा प्रत्याशी का मजबूत होना कांग्रेस के लिए घातक रहा। बसपा के प्रत्याशी बहादुर राम धौनी ने 5280 मत हासिल करते हुए कांग्रेस के सारे समीकरण बिगाड़ दिये। कांग्रेस को उम्मीद थी कि बसपा 3 हजार मतों में सिमट जाएगी और उसकी कांडा सीट बरकरार रहेगी। वहीं उक्रांद प्रत्याशी हीरा बल्लभ भट्टं भी ज्यादा वोट हासिल करने में नाकाम रहे। कहा जा रहा था कि उक्रांद के ज्यादा वोट हासिल करने से भाजपा को नुकसान होगा। मगर उक्रांद के हीरा बल्लभ भट्टं मात्र 1349 मत ही हासिल कर पाये। यहां विजयी प्रत्याशी बलवंत सिंह भौर्याल को 14324 मत व कांग्रेस के उमेद सिंह माजिला को 12221 मत मिले। निर्दलीय हयात सिंह बजेठा को 1072, निर्दलीय हरगोविंद जोशी को 885, सपा के बहादुर सिंह बिष्ट को 377, निर्दलीय विजय रावत को 281, आनंद सिंह को 268 मत मिले। कपकोट सीट में भगत सिंह कोश्यारी का जादू बरकरार रहा। यहां उन्हें घेरने की कांग्रेस की सारी कोशिशें नाकाम रहीं और वह गत चुनावों की अपेक्षा ज्यादा मत हासिल करने में कामयाब रहे। गत चुनावों में श्री कोश्यारी ने कांग्रेस को साढ़े आठ हजार के अंतर से हराते हुए 17617 मत हासिल किये थे। जबकि इस बार श्री कोश्यारी ने 21255 मत हासिल करते हुए अपनी ताकत में इजाफा किया है। इस बार हालांकि कांग्रेस भी गत चुनावों की अपेक्षा ज्यादा वोट हासिल करने में कामयाब रही। गत चुनावों में कांग्रेस को 9103 मत मिले थे जबकि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह कठायत को 11739 मत मिले हैं। उक्रांद के लोकपाल सिंह कर्मयाल को 1256 मत, निर्दलीय हरीश कपकोटी को 1042, बसपा के देवेंद्र मर्ताेलिया को 820, सपा के नैन राम को 369 व भाजपा के पक्ष में बैठ चुके भाजशपा के ख्याली दत्त जोशी को भी मतदाताओं ने 380 मत दिये। कुल मिलाकर कांग्रेस से कांडा व बागेश्वर सीट झटकना भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि होने के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कोश्यारी के कद में इजाफा करने को काफी है।
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