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Oct 20, 2009
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इंसाफ़ का दिन! मई 21, 2011

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इंसाफ़ का दिन!
मई 21, 2011
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उन्‍हें लोगों को मार डालने का तो नहीं पर पाँच महीने तक पीड़ा देने का अधिकार दिया गया. और उनकी पीड़ा ऐसी थी जैसे बिच्‍छू के डंक मारने से मनुष्‍य को होती है. प्रकाशित वाक्‍य 9:5
दुनिया का अंत
अक्‍तूबर 21, 2011

इस पुस्तिका का मक़सद, आपको यह सूचित करना है कि इस वक्‍त़, परमेश्‍वर की शरण में जाने की ख़ातिर, दुनिया में हर एक के लिए जल्‍दबाज़ी करने की नौबत आ पड़ी है. बाइबिल, परमेश्‍वर की वाणी है! बाइबिल में जो भी घोषणा की गई है उसका संपूर्ण प्रमाण, स्‍वयं परमेश्‍वर है. अब, इस मोड़ पर, बाइबिल से ऐसी जानकारी मिल रही है जिसमें इंसाफ़ के दिन और जगत का अंत करने के बारे में परमेश्‍वर की योजना स्‍पष्‍ट रूप से ज़ाहिर की गई है. बाइबिल में, इतिहास की समय रेखा के बारे में गूढ़ जानकारी अब प्रकट की गई है. यह जानकारी अब तक मालूम नहीं थी क्‍योंकि परमेश्‍वर ने, जगत का अंत होने के बारे में ज्ञान हासिल करने की कोशिश को नाकाम करते हुए अपने वचन बंद किए थे. दानिय्येल की किताब में इस बात का जिक्र किया गया है:

दानिय्येल 12:9 उसने कहा, हे दानिय्येल जा; क्‍यों कि ये बातें अंतिम समय के लिए बंद हैं और इन पर मुहर बंद की गई है.

लेकिन, अब इस समय, अपने वचन प्रकट करते हुए(बाइबिल), परमेश्‍वर ने, जगत का अंत होने के समय(और बहुत सारे दूसरे उपदेश) के बारे में महान सत्‍य का ख़ुलासा किया है. साथ ही, इसी अध्‍याय में दानिय्येल इस तरह कहता है:

दानिय्येल 12:4 परंतु हे दानिय्येल, तू इस पुस्‍तक पर मुहर लगाकर इन वचनों को अंतिम समय तक बंद रख. और बहुत लोग पूछ-ताछ करेंगे और ढूँढ़ेंगे और इससे ज्ञान भी बढ़ जाएगा.

अब परमेश्वर अपने वचन प्रकट करने लगा है क्‍योंकि हम इस वक्‍त उस मोड़ पर हैं जब इस जगत का अंत होने जा रहा है. इस वजह से, बाइबिल के गंभीर छात्र के लिए यह एकदम ज़ाहिर हो गया है कि अब हम इस धरती के इतिहास के आख़िरी इने-गिने दिन जी रहे हैं. असल में, चूँकि अब हम जगत के अंतिम समय पर जी रहे हैं, इसलिए परमेश्वर, अपने लोगों को यह जानकारी प्रकट कर रहा है:
बाइबिल का इतिहास कैलेंडर

प्रभु, बाइबिल के पन्‍नों में पाए गए " बाइबिल संबंधी कैलेंडर " के बारे में अपने लोगों को समझा रहा है. उत्‍पत्ति ग्रंथ के वंशक्रम में ख़ासकर अध्‍याय 5 और 11 में, इस जगत की मानव-जाति के इतिहास का सही कैलेंडर दर्शाया जा सकता है. बाइबिल का इतिहास कैलेंडर पूरी तरह से सही और भरोसेमंद है.

चूँकि बाइबिल संबंधी कैलेंडर, परमेश्वर ने अपने वचनों में प्रकट किया है इसलिए, इस पर जी-जान से भरोसा किया जा सकता है. इस संक्षिप्‍त पुस्तिका में, हम, बाइबिल संबंधी कैलेंडर से और धर्मग्रंथों के अन्य अध्‍ययनों से निकाले गए कुछ निष्‍कर्ष आपके साथ बाँटना चाहते हैं. लेकिन, उपलब्‍ध जानकारी इतनी प्रचुर मात्रा में है और जटिल है कि इस छोटी सी पुस्तिका में सब कुछ समेटना संभव नहीं है; फिर भी हम, सही और विश्‍वसनीय तारीखें दे सकते हैं और ज़रूर देंगे. इन तारीखों पर पूरी तरह से भरोसा किया जा सकता है क्‍योंकि ये तारीखें, और कहीं नहीं, बल्कि स्‍वयं बाइबिल में प्रकट की गई हैं. (ईबाइबिलफेलोशिप की फैमिली रेडियो के साथ कोई सहबद्धता नहीं है. लेकिन हमारी यह सिफ़ारिश है कि आप इस पते पर : फैमिली स्‍टेशन्‍स, इंक, 290, हैगनबर्गर रोड, ऑकलैंड सीए 94261, संपर्क कर, "We Are Almost There" किताब की प्रति मुफ़्त में हासिल करें. इस किताब में, इंसाफ़ के दिन और जगत का अंत होने के समय के बारे में विस्‍तृत जानकारी दी गई है. साथ ही, आप www.familyradio.com से "We Are Almost There!" ऑन लाइन पढ़ सकते हैं या डाउनलोड कर सकते हैं).
इतिहास में महत्‍वपूर्ण घटनाओं का समय

11,013 ईसवी पूर्व-सृष्टि. परमेश्‍वर ने, जगत और मनुष्‍य (आदम और हव्‍वा) की सृष्टि की.

4990 ईसवी पूर्व-नूह के दिवस की बाढ़. दुनिया-भर में आई बाढ़ ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया. सिर्फ़ नूह, उसकी पत्‍नी और उसके 3 बच्‍चे, जहाज़ की बदौलत बच गए (सृष्टि से 6023 वर्ष).

7 ईसवी पूर्व-जिस वर्ष यीशु मसीह का जन्‍म हुआ (सृष्टि से 11,006 वर्ष).

33 ईसवी सन्-जिस वर्ष यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया और चर्च का युग शुरू हुआ (सृष्टि से 11,045 वर्ष; बाढ़ से 5023 कैलेंडर वर्ष ).

1988 ईसवी सन्-इस वर्ष, चर्च युग समाप्‍त हुआ और 23 वर्षों (सृष्टि से 13,000 वर्ष) का घोर संकट समय प्रारंभ हुआ.

1994 ईसवी सन्-7 सितंबर को , घोर संकट के पहले 2300 दिन पूरे हुए और बाद की वर्षा शुरू हुई और चर्च के बाहर इबादत करनेवाले बड़ी तादाद में लोगों को बचाने की परमेश्‍वर की योजना की शुरुआत हुई (सृष्टि से 13,006 वर्ष).

2011 ईसवी सन्-21 मई को, घोर संकटवाले 23 वर्ष के अंत में इंसाफ़ का दिन शुरू होगा और भाव-समाधि (परमेश्‍वर के चुनिंदा लोगों को आकाश ले जाने की घटना) होगी. 21 अक्‍तूबर को, आग से जगत का विनाश हो जाएगा (बाढ़ से 7000 वर्ष; सृष्टि से 13,023 वर्ष).
एक दिन एक हज़ार वर्षों के समान

परमेश्वर के बच्चे ने बाइबिल से सीखा है कि उत्‍पत्ति 7 की भाषा के दो अर्थ निकलते हैं:

उत्‍पत्ति 7:4 क्योंकि सात दिन और बीतने पर मैं पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक जल बरसाता रहूँगा; और जितनी वस्तुएँ मैंने बनाई हैं उन सब को भूमि से मिटा दूँगा.

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